गिड़ा तहसील हुई ऑनलाइन, अब राजस्व कार्यो में किसानों की होगा समय व धन की बचत

- बायतु विधानसभा की अब दोनों तहसीले हुई ऑनलाइन।

- राजस्व मंत्री हरीश चौधरी के प्रयासों से जिले की बायतु, सिवाना, सिणधरी, समदड़ी के बाद अब गिड़ा तहसील को ऑनलाइन किया गया। 
बाड़मेर/गिड़ा,07 जनवरी। अपने खेत की भूमि की जमाबंदी और नक्शों के खातिर आए दिन तहसील कार्यालय की चौखट पर दस्तक देने की समस्या से त्रस्त रहने वाले आम लोगों व किसानों को अब राहत मिल सकेगी। गुरुवार को गिड़ा तहसील ऑनलाइन हो जाने से अब काश्तकार चाहे देश के किसी कोने में बैठकर  वह आसानी से अपनी खातेदारी के हिस्से को देख सकेंगे। स्थानीय विधायक व राजस्व मंत्री के प्रयासों से यह सब अब गिड़ा तहसील क्षेत्र के किसानों के लिए संभव हो सकेगा। गौरतलब है कि बायतु विधानसभा क्षेत्र की दोनो तहसीले अब ऑनलाइन हो गई है।
गिड़ा तहसील के 171 गांवो के कुल 14 हजार 171 खाते है। लगभग 28 हजार 881 खसरे है। वहीं लगभग 27 हजार काश्तकार है जिन्हें फायदा मिलेगा। ऑनलाइन होने से किसान ई-मित्र या अपने स्मार्ट मोबाइल के जरिए अपने खसरे की ई साइन से जमाबंदी नकल मय नक्शे ले सकेंगे, वहीं किसान अपनी जमाबंदी को भी देख सकेंगे।

तहसील क्षेत्र के गांवों के नक्शे डिजिलाइजेशन: 
राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने बताया कि गिड़ा तहसील के ऑनलाइन होने के साथ ही गांवों के नक्शे भी डिजिलाइजेशन किए गए हैं। इसका बड़ा फायदा किसान को यह मिलेगा कि वह जिस खसरे की नकल की जरुरत होगी, वह उसे प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि नकल की लिखावट के साथ ही नक्शा का भी प्रिंट होकर मिल सकेगा। जबकि ऑनलाइन से पहले किसानों को जमाबंदी नकल और नक्शा की खातिर कार्यालय के चक्कर काटने के साथ लम्बा इंतजार भी करना पड़ता था। साथ ही केसीसी के लिए पटवारी व बैंक के बीच चक्कर लगाने पड़ते थे। अब केसीसी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से पूरी सुविधा में सहुलियत हो गई।

इससे पहले बाड़मेर जिले की बायतु, सिवाना, सिणधरी, समदड़ी के बाद अब गिड़ा तहसील को राजस्व मंत्री हरीश चौधरी ने ऑनलाइन कर किसानों को बड़ी सौगात दी है।

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