पाली: 2 अक्टूबर को एनएसयूआई द्वारा "किसान मजदूर बचाओ दिवस" मनाया

एनएसयूआई प्रदेश सचिव व राजकीय बांगड़ महाविधालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष गणपत पटेल के नेतृत्व में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने महात्मा गांधी सर्कल पर महात्मा गांधी की जयंती पर “छात्र सत्याग्रह” कार्यक्रम के तहत लगभग दो घंटे तक शान्ती पूर्ण तरीक़े से प्रदर्शन कर किसान विरोधी अध्यादेश को किसानो के लिए काला क़ानून बताया व नए किसान एक्ट का विरोध किया ।एनएसयूआई प्रदेश सचिव गणपत पटेल ने बताया की केन्द्र सरकार द्वारा संसद में देश के किसानो एवं कृषि व्यापार से सम्बंधित तीन किसान विरोधी अध्यादेश किसानो के लिए काला क़ानून है । इससे चंद लोगों को जो कि पूंजीपति है,उनको फ़ायदा पहुँचाने के लिए लाया गया है । इस बिल से लघु एवं मध्यम वर्ग के व्यापारी ख़त्म हो जाएँगे तथा पूंजीपति लोग हावी हो जाएँगे ।इस बिल से एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य ) ख़त्म हो जाएगा जो किसानो के लिए ख़ुदकुशी के समान साबित होगी ।इस अवसर पर राजकीय बांगड़ महाविधालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह राजपुरोहित,पूर्व संयुक्त महासचिव राधेश्याम सांखला,पूर्व संयुक्त सचिव मोम्मद दानिश आदि ने कार्यक्रम को सम्बोधित किया ।

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा दो अक्टूबर को "किसान मजदूर बचाओ दिवस" मनाया गाया ।गणपत पटेल क़े नेतृत्व में छात्रों व युवाओं ने सामाजिक दूरी बनाकर विरोध प्रदर्शन किया।गणपत पटेल ने कहा कि  युवाओं के रोजगार को आम चुनावों में प्रमुख मुद्दा बनाने वाली भाजपा सरकार चाहे लाख दावे करे लेकिन रोजगार के मुद्दे पर वह पुरी तरह असफल और बेबस नजर आ रही है। भारतीय जनता पार्टी ने चुनाव के दौरान हर वर्ष दो करोड से अधिक रोजगार देने का वादा किया था जबकि मोदी सरकार आने के बाद देश में रोजगार का हाल और ज्यादा खराब हुआ है। युवाओं को दो करोड रोजगार मिलने की बात तो दूर देश में आर्थिक मंदी आने से लोगो की अपनी नौकरियों से हाथ धोना पड रहा है।

गणपत पटेल ने कहा कि देश में रोजगार का संकट दिन प्रतिदिन गहराता जा रहा है, वर्तमान देश में बेरोजगारी दर 20 फिसदी से भी अधिक है।गणपत पटेल ने बताया की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी अपनी मन की बात तो रोज टीवी पर आकर कहते हैं पर इन किसानों के मन की बात कौन सुनेगा जो किसान आज खेत को छोड़कर रोड पर उतर चुके हैं और रोड पर प्रदर्शन कर रहे हैं और बीजेपी सरकार इन किसानों को डरा धमका कर चुप कराना चाहती है। ।गणपत पटेल ने कहा की नरेन्द्र मोदी जी रोज आत्मनिर्भर की बात करते हैं पर वह भूल गए कि सबसे बड़ा आत्मनिर्भर तो किसान है पर उन्हें ही आप आत्मनिर्भर नहीं रहने देना चाहते हो और उन्हें आप बड़े बड़े उद्योगपतियों का गुलाम बनाना चाहते हो।लाल बहादुर शास्त्री द्वारा जय-जवान,जय-किसान का नारा लगाकर छात्र सत्याग्रह कार्यक्रम की शुरुआत की गयी ।इस अवसर पर गोविन्द चारण,प्रकाश पटेल,मुकेश चौधरी,किशन बंजारा,सुरेन्द्र,रणजीत,राकेश,राजेन्द्र सिंह,दीपक रामावत,जितेन्द्र सिंह,कपूर चौधरी,श्रवण कुमार,विक्रम चौहान, गोविन्द,प्रमोद,विक्रम पटेल आदि एनएसयूआई कार्यकर्ता मोजूद रहे ।


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