एमपीयूएटी और सोना जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन



उदयपूर, 20 अक्टूबर l डॉ. नरेंद्र सिंह राठोड़, कुलपति, महाराणा प्रताप कृषि और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने एमपीयूएटी, उदयपुर और सोना जेनेटिक्स प्राइवेट लिमिटेड, अहमदाबाद (गुजरात)  के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान करते हुए कहा कि बीज फसल उत्पादन में सबसे मूल्यवान और महत्वपूर्ण आदान है।

एमपीयूएटी और राजस्थान में बीज क्षेत्र में अनुसंधान को प्रमुख महत्व दिया जा रहा है ताकि किसानों को कम अवधि, उच्च उपज, कम पानी की आवश्यकता और रोग प्रतिरोधी विभिन्न फसलों की किस्मों का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रताप हाइब्रिड मक्का-3 किस्म का मक्का बेहतर अनुकूलन और उच्च उपज के कारण किसानों के बीच लोकप्रियता प्राप्त कर रहा हैl

साथ ही  उन्होंने आग्रह किया कि मक्का की प्रथाओं के पैकेज का पालन करने के लिए किसानों को जागरूक किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सदाबहार कृषि के लिए अनुसंधान से लेकर अंतिम प्रौद्योगिकी अपनाने तक विज्ञान का अनुसरण किया जाना चाहिए।          

श्री हेमंत जोशी, महाप्रबंधक, सोना जेनेटिक्स प्रा. लिमिटेड, अहमदाबाद ने बताया कि कंपनी गुजरात के खेड़ा जिले में अपना अनुसंधान एवं विकास केंद्र होने के कारण प्रमुख फसलों जैसे बाजरा, मक्का, धान और ज्वार के बीज अनुसंधान और बीज उत्पादन के क्षेत्र में काम कर रही है। कंपनी बिहार, झारखंड, यूपी, राजस्थान, एमपी, पंजाब और हरियाणा राज्यों में काम कर रही है। कंपनी ने बीजों के विपणन के लिए NAFED और NSC के साथ भी समझौता ज्ञापनो  पर हस्ताक्षर किए हैं।

डॉ. एसके शर्मा, निदेशक अनुसंधान, डॉ. आरए कौशिक, निदेशक प्रसार शिक्षा,  डॉ. पी.के. सिंह, डीन, प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग कॉलेज, उदयपुर, डॉ आर.बी. दुबे, एडीआर (बीज और फार्म), डॉ वीरेंद्र नेपालियाओएसडी कुलपति, डॉ. आई.जे. माथुर, एमपीयूएटी एटिक समन्वयक और श्री शुभम उपाध्याय, प्लांट ब्रीडर, सोना जेनेटिक्स प्रा. लिमिटेड इस समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाते समय बैठक में उपस्थित थे।


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