राज्यपाल को अपने बीच पाकर फूले नहीं समाए बासवाडा  जिले के सागेता गांव के जनजाति परिवार

 

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जयपुर। राज्यपाल  कलराज मिश्र ने कहा है कि उनका फोकस प्रदेश में विकास की दृष्टि से पिछड़े और जनजाति बहुल क्षेत्रों में विकास के साथ ही जनजाति लोगों की पीड़ाओं, दुःखों और अभावों तथा समस्याओं के निराकरण पर रहेगा। इसके लिए अपनी ओर से जो भी पहल एवं प्रयास संभव होंगे, करेंगे। राजयपाल शुक्रवार को बासवाडा जिले के सागेता गावं में ग्रामीणों के सवाद कर रहे थे।उन्होंने कहा कि प्रदेश के जनजाति क्षेत्रों के हालात जानने, प्राकृतिक आपदा के उपरान्त की स्थितियों का अवलोकन करने तथा जनजाति विकास की प्रक्रिया को तेज करने में भागीदारी निभाने के लिए ही उन्होंने अपना दौरा तय किया है और इसमें वे राजस्थान के जनजाति और पिछड़े क्षेत्रों को देखेंगे, वहां के ग्रामीणों से रूबरू होंगे और उनकी समस्याओं के समाधान तथा विकास में सहभागी बनकर पूरा-पूरा सहयोग देंगे। जनजाति क्षेत्रों के ग्रामीण राज्यपाल को अपने बीच पाकर तथा उनसे सीधे बातचीत कर अभिभूत हो उठे। उन्होंने राज्यपाल का स्वागत किया और अपने मन की बातें खुलकर उनके समक्ष की। राज्यपाल कलराज मिश्र ने भी जनजाति स्त्री-पुरुषों की साफगोई, सरल-सहज अभिव्यक्ति और माधुर्य से भरे आतिथ्य की सराहना की और कहा कि यहां आकर उन्हें बहुत अच्छा लगा है, सुकून मिला है। उन्होंने कहा कि वे जनजाति क्षेत्र और यहां के लोगों की समस्याओं और अभावों को देखने-जानने और समझने के लिए आए हैं तथा इनके निराकरण के लिए अपनी ओर से भरपूर पहल एवं प्रभावी प्रयास करेंगे ताकि यहां के लोगों का जीवनस्तर ऊँचा उठे और विकास की मुख्य धाराओं का लाभ प्राप्त कर आगे बढ़ सकें और प्रदेश की प्रगति में भागीदार बन सकें। उन्होंने कहा कि वे जनजाति क्षेत्र और यहां के लोगों की समस्याओं और अभावों को देखने-जानने और समझने के लिए आए हैं तथा इनके निराकरण के लिए अपनी ओर से भरपूर पहल एवं प्रभावी प्रयास करेंगे ताकि यहां के लोगों का जीवनस्तर ऊँचा उठे और विकास की मुख्य धाराओं का लाभ प्राप्त कर आगे बढ़ सकें और प्रदेश की प्रगति में भागीदार बन सकें। राज्यपाल ने बासंवाड़ा जिले के सागेता गांव की समस्याओं के बारे में जानकारी चाही। इस पर एक ग्रामीण ने गांव की कच्ची सड़क को पक्की बनवाने का आग्रह किया। राज्यपाल ने आश्वस्त किया कि ग्रामीणों की मांगों को पूरा करने तथा समस्याओं के निराकरण की दिशा में सार्थक प्रयास किए जाएंगे। राज्यपाल ने शुक्रवार को बांसवाड़ा जिले के त्रिपुर सुन्दरी देवी तीर्थ प्रांगण में आयोजित संवाद कार्यक्रम में सागेता के ग्रामवासियों के साथ चर्चा करते हुए यह बात कही। राज्यपाल ने ग्रामीण स्त्री-पुरुषाें से सीधे संवाद कायम करते हुए जनजाति क्षेत्रों की स्थिति, रहन-सहन, पारिवारिक एवं सामुदायिक स्थितियों, खेती-बाड़ी, विकास की जरूरतों, आंचलिक विकास की जरूरतों, समस्याओं आदि पर चर्चा की और जानकारी ली तथा ग्रामीणों के विचार जाने। राज्यपाल ने इस अवसर पर सागेता गांव के लोगों को विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थी जनजाति परिवारों की गोदावरी, कान्ता, शंकर, नर्मदा, बबली, सोमी एवं दुर्गा को स्वीकृति पत्र प्रदान किए। इसी प्रकार एक ग्रामीण को दिव्यांग पेंशन और ग्रामीण रामलाल  को पेंशन योजना स्वीकृति पत्र प्रदान किया। इस दौरान राज्यपाल ने शोधार्थियों एवं गोविन्द गुरु जनजाति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों से भी सीधा संवाद किया और सुनहरे भविष्य के लिए अच्छी बातों की सीख दी और इसे अपनाने को कहा। राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों में शोध जगत को और अधिक प्रभावशाली, तुलनात्मक दृष्टि से बेहतर एवं उपयोगी बनाने पर जोर दिया और शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने जीवन में स्वाध्याय को अधिक से अधिक अपनाएं, अध्ययनशील बनें और वैचारिक चिन्तन प्रधान गंभीर पुस्तकों को पढ़ने व इन पर मनन करने की आदत डालें। अपने पुस्तकालयों में गंभीर पुस्तकों का भण्डार होना चाहिए। आईटी के मौजूदा युग के बावजूद पुस्तकों और स्वाध्याय की प्रासंगिकता कम नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे वैचारिक चिन्तन-मनन की प्रक्रिया तेज होती है, नवाचारों के साथ ही स्वयं के विचार उत्पन्न होते हैं और इससे जीवन को संवारने में मदद मिलती है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों के अनुशासन की तारीफ की और कहा कि जीवन के हर क्षेत्र में सफलता के लिए कानून-कायदों का पूरा-पूरा पालन, सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की मानसिकता तथा संकल्प शक्ति बहुत जरूरी है और विद्यार्थियों को इस पर गंभीरतापूर्वक ध्यान देना चाहिए। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने राज्यपाल के समक्ष अपने प्रश्न और जिज्ञासाएं रखीं।  मिश्र ने इनका समाधान किया। राष्ट्रगान एवं गोविन्द गुरु जनजाति विश्वविद्यालय के कुल गीत से आरंभ हुए संवाद कार्यक्रम के आंरभ में कुलपति कैलाशचन्द्र सोढ़ानी ने राज्यपाल सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालयी प्रमुख गतिविधियों का परिचय दिया।  ग्रामीणों और विद्यार्थियों से संवाद कार्यक्रम में जनजाति क्षेत्रीय विकास मंत्री   अर्जुनसिंह बामनिया, संभागीय आयुक्त विकास भाले, जिला कलक्टर अन्तरसिंह नेहरा, जिला पुलिस अधीक्षक  केसरसिंह शेखावत सहित क्षेत्रीय जन प्रतिनिधिगण और अधिकारीगण उपस्थित थे।  संचालन  नरेन्द्र पानेरी ने किया। संवाद कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान से हुआ।


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