इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स, राजस्थान स्टेट सेंटर, जयपुर द्वारा “एमीनेंट इंजीनियर अवार्ड 2020” 15 सितंबर 2020 को आयोजित होगा

जयपुर: इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (भारत) इंजीनियरिंग एक बहु-अनुशासनात्मक पेशेवर संस्था है,  राजस्थान स्टेट सेंटर, जयपुर  द्वारा इंजीनियरिंग के क्षेत्र में उत्कृष्टता की खोज को बढ़ावा देने के लिए इंजीनियर दिवस 15 सितंबर के अवसर पर एमीनेंट इंजीनियर्स अवार्ड 2020 का आयोजन किया जा रहा है।
_x000D_ यह कार्यक्रम राजस्थान के माननीय राज्यपाल श्री कलराज मिश्र की उपस्थिति में समारोह का आयोजन किया जाएगा।
_x000D_ अवार्ड का्रर्यक्रम का उद्देश्य इंजीनियरिंग अनुसंधान, इंजीनियरिंग प्रौद्योगिकी विकास में इंजीनियरों द्वारा किए गए उत्कृष्ट उपलब्धिया योगदान को पहचानना है। यह उत्कृष्टता, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, समाज आदि में है ।
_x000D_ इस कार्यक्रम के दौरान 10 व्यक्तियों, 3 उद्योगों, 2 स्टार्टअप, एक विश्वविद्यालय और एक संस्थान (कुल 17) को सम्मानित किया जाएगा।
_x000D_ इन पुरस्कारों को देश भर से नामांकन प्राप्त करने के बाद अंतिम रूप दिया गया है और डॉ रवि कुमार गोयल की अध्यक्षता में एक समिति ने इन नामों को तय किया है।
_x000D_ इजि. सज्जन सिंह यादव, अध्यक्ष, राजस्थान राज्य सेंटर, जयपुर, का कहना है , “इस व्यथित स्थिति के दौरान, जहाँ हम सदी के सबसे अधिक जीवन बदलने वाली घटना में जी रहे हैं, सभी सुरक्षा उपायों का पालन करते हुए इंजीनियर्स डे, 15 सितंबर के विशेष दिन पर यह पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया जा रहा है। क्योंकि यह पुरस्कार इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में प्रतिष्ठित और अनुकरणीय सेवाओं को पहचानता है, जो राष्ट्र को आत्मर्निभर बनाता है।
_x000D_ हर साल 15 सितंबर को अभियंता दिवस मनाता है, जो सर एम. विश्वेश्वरैया की जयंती है। भारत के निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान के कारण, सरकार ने 1955 में उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्हें किंग जॉर्ज पंचम द्वारा ब्रिटिश नाइटहुड से भी सम्मानित किया गया, जिसने उनके नाम के आगे सर लगा दिया।
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_x000D_ डॉ रवि कुमार गोयल, पुरस्कार समिति के अध्यक्ष कहते हैं, जब  कोविड 19 के प्रकोप से देश को गतिरोध में ला दिया।  तो हमें शानदार प्रयासों की मान्यता के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का अवसर मिलने पर सम्मानित महसूस किया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार, ऐसे पेशे से उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देता है जिसमें अध्ययन, अनुभव और अभ्यास द्वारा प्राप्त गणितीय और प्राकृतिक विज्ञान के ज्ञान को लागू किया जाता है, जिससे पारंपरिक या गैर-पारंपरिक पेशे में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
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