मुख्यमंत्री ने दी तीन प्रस्तावों को  मंजूरी 

 

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जयपुर। राज्य सरकार नहरी तंत्र को सुदृढ करने के लिए वर्तमान में चल रही कई परियोजनाओं के लिए लगभग  50 करोड़ रूपए की अतिरिक्त  धनराशि उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत ने इस सम्बन्ध में विभाग की ओर से प्राप्त तीन प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिनके तहत यह राशि इसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध हो सकेगी। निर्णय के अनुसार, जल संसाधन विभाग को हनुमानगढ़ में संचालित राजस्थान जल क्षेत्र सुधार पुनर्संरचना परियोजना रेगिस्तान क्षेत्र के बकाया दायित्वों के भुगतान के लिए कुल 38 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, इस अतिरिक्त प्रावधान से न्यू डवलपमेंट बैंक द्वारा पोषित इस परियोजना के लिए 60 करोड़ रूपए की साख सीमा उपलब्ध हो सकेगी। इससे परियोजना के प्रगतिरत कार्याें और अन्य दायित्वों के लिए भुगतान हो सकेगा।  जल संसाधन विभाग द्वारा संचालित गंग नहर आधुनिकीकरण परियोजना के लिए केन्द्र सरकार की ओर से बकाया 7.066 करोड़ रूपए की अंश राशि प्राप्त करने के लिए   5.329 करोड़ रूपए का अतिरिक्त बजट इसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सिंचित क्षेत्र विकास कार्यक्रम के तहत प्रगतिरत उन परियोजनाओं के लिए भी राज्य निधि से 5.91 करोड़ रूपए की अतिरिक्त राशि देने की स्वीकृति दी है, जिनके लिए केन्द्र सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2016-17 के बाद से भुगतान बंद कर दिया गया है, ताकि इन परियोजनाओं का कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सके। केन्द्र और राज्य सरकारों की 50ः50 भागीदारी अनुपात से संचालित की जा रही थीं और अब केन्द्र सरकार की अंश पूंजी फिलहाल नहीं मिल रही है। इसके कारण चम्बल, बीसलपुर, सिद्धमुख नोहर, अमरसिंह उप शाखा, गंग नहर फेज-1 और भाखड़ा नहर फेज-1 परियोजनाओं के भुगतान लम्बित हैं। गहलोत ने इन परियोजनाओं के लिए राज्य बजट 2019-20 के प्रावधानों से अतिरिक्त राशि इसी वित्तीय वर्ष में उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे नहरी क्षेत्र की परियोजनाओं के लंबित कार्याें के लिए भुगतान सुनिश्चित हो सकेगा और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने से किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर पानी उपलब्ध कराना संभव होगा।


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