उद्योगों के लिए रीको की भूमि की प्रचलित दर कम होगी -उद्योग मंंत्री

 

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जयपुर। उद्योग मंत्री  परसादी लाल मीणा ने कहा है कि प्रदेश में रीको द्वारा औद्योगिक क्षेत्रों में औद्योगिक निवेशकों को उद्योग लगाने के लिए सस्ती दर पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए रीको की प्रचलित दरों को कम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि समूचे देश में राजस्थान पहला प्रदेश बनने जा रहा है जहां उद्योग लगाना आसान बनाने के साथ ही अन्य प्रदेशों की तुलना में निवेशकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास जारी हैं। उन्होंने निवेशकों से प्रदेश में उद्यम लगाने के लिए आगे आने का आह्वान किया। मीणा  शुक्रवार को होटल जयमहल पैलेस में सीआईआई के नोर्दन रीजन काउंसिल की बैठक में हिस्सा ले रहे उद्यमियों से संवाद कायम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार ने सीधे निवेशकों से संवाद कायम कर प्रदेश में औद्योगिक निवेश का बेहतर माहौल बनाने के कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत की पहल पर राज्य सरकार ने एमएसएमई उद्यमों की सहज स्थापना और युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ही कानून में बदलाव कर प्रदेश में उद्योगों की स्थापना को आसान बनाया है। उन्होंने बताया कि उद्यमियों की सुविधा के लिए एक के स्थान पर अब चार एमएसएमई सुविधा परिषद गठित की हैं वहीं पहली बार राज्य व जिला स्तर पर विवाद एवं शिकायत निवारण तंत्र विकसित किया गया है। उद्योग मंत्री ने बताया कि राज्य की नई उद्योग नीति का प्रारुप तैयार हो गया है। नई नीति को जारी करने से पहले औद्योगिक सलाहकार समिति की बैठक मेंं औद्योगिक संघों से चर्चा की जाएगी। उद्योगों को रियायतें देने के लिए नई राजस्थान निवेश प्रोत्साहन योजना लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार उद्यमियाें की बिजली की दर कम करने की मांग के प्रति गंभीर है और जल्दी ही इसके संबंध में सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा।  उद्योग मंत्री  मीणा ने कहा कि दिल्ली मुंबई इण्डस्ट्रीयल कोरिडोर का लाभ प्रदेशवासियों को दिलाने के लिए राज्य सरकार सक्रिय हो गई है और पांच गावोंं में किसानों को मुआवजा वितरण का काम शुरु कर दिए है। अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग डॉ. सुबोध अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री  अशोक गहलोत के औद्योगोन्मुखी विजन का ही परिणाम है कि अब राज उद्योग मित्र पर आवेदन कर केवल 1.59 सैकण्ड में पावती प्राप्त कर अपना उद्योग आरंभ कर सकते हैं। इसके लिए तीन साल तक कोई अनुमति की जरुरत नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह समूचे देश में अपने आप में क्रान्तिकारी कदम है।  डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों की स्थापना के लिए समुचित मात्रा में भूमि उपलब्ध है। सरकार उद्योगों को आकर्षक पैकेज देने जा रही है ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक उद्योग लगे, उद्योगों का संचालन आसानी से हो और अधिक से अधिक रोजगार के अवसर हो सके। उन्होंने प्रतिभागियों से प्रदेश मे औद्योगिक निवेश के लिए आगे आने को कहा।  सीआईआई के नोर्दन रीजन काउंसिल के चेयरमेन  समीर गुप्ता, रिजनल डायरेक्टर  अंकुर सिंह चौहान और राजस्थान सीआईआई के चेयरमेन  आनंद मिश्रा ने भी संबोधित किया। प्रतिभागियों ने राजस्थान सरकार की पहल की सराहना करते हुए राज्य सरकार की पहल को प्रोएन्टरप्रोनेर बताया। उन्होंने राजस्थान में औद्योगिक बिजली की दर अधिक होने पर चिंता भी व्यक्त करते हुए इसे युक्तिसंगत बनाने का सुझाव भी दिया।  सीआईआई की नोर्दन रीजन काउंसिल की बैठक में उत्तरी क्षेत्र के चण्डीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एवं कश्मीर, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और उत्तराखण्ड के सीआईआई के प्रतिनिधि उद्यमियों ने हिस्सा लिया।


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