प्रदूषण नियंत्रण एवं इसमें सरकारी संस्थानों की भूमिका विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला सम्पन्न स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाये रखना सरकारी दायित्वों के साथ हमारी व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी -मुख्य सचिव

 

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जयपुर, । मुख्य सचिव  डी.बी. गुप्ता ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण एवं इसमें सरकारी संस्थानों की स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाये रखना सरकारी दायित्वों के साथ-साथ हम सबकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी है। प्रदूषण के कारण वैश्विक स्तर पर बढती बीमारियों एवं अन्य गम्भीर क्षतियों का प्रमुख कारण पर्यावरणीय मुद्दे ही हैं । यह बात गुरूवार को यहां प्रदूषण नियंत्रण एवं इसमें सरकारी संस्थानों की भूमिका विषय पर आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला में कही. मुख्य सचिव ने कार्यशाला में राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा विभिन्न प्रकरणों में पारित आदेशों की अनुपालना में राज्य सरकार, प्रदूषण नियंत्रण मण्डल एवं जिला स्तर पर की गई कार्यवाही से अवगत कराया एवं अवैध ईकाईयों की सत् निगरानी के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित सतर्कता समितियों के बारे में बताया। उन्होंने राज्य में आने वाले राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण नियंत्रण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के जिला कलेक्टर्स एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को संदेश दिया कि वे प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वयं आग बढ़कर आवश्यक कार्यवाही करने की पहल करें। कार्यशाला में पर्यावरण विभाग की प्रमुख शासन सचिव  श्रेया गुहा ने  पर्यावरण संरक्षण को मात्र एक सरकार संबंधी जिम्मेदारी से उपर उठकर एक सामाजिक जिम्मेदारी के तौर पर देखने का आग्रह किया गया। पर्यावरण विभाग के शासन सचिव डॉ.डी.एन. पाण्डेय द्वारा भारतीय प्रौद्योगिक संस्थान मुम्बई की टीम का परिचय कराया गया । राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल के अध्यक्ष  पवन कुमार गोयल जयपुर द्वारा प्रदूषण नियंत्रण के लिए राज्य मण्डल को प्रदत्त रेगुलेटरी दायित्वों की जानकारी दी गई । उन्होने अप्राप्ति शहरों की वायु गुणवत्ता वस्त्र ईकाईयों के क्लस्टर से जल प्रदूषण एवं संयुक्त उच्छिष्ठ उपचार संयंत्रों की आवश्यकता एवं खतरनाक नागरिक प्लास्टिक एवं जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबन्धन हेतु राज्य मण्डल द्वारा किये जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। वर्तमान समय में पर्यावरण को हो रहे नुकसान एवं प्रदूषण की राकथाम हेतु विभिन्न सरकारी संस्थानों के संयुक्त प्रयासों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए पर्यावरण विभाग एवं राज्य प्रदूषण नियंत्रण मण्डल द्वारा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बम्बई के सहयोग से इस कार्यशाला का आयोजना किया गया । भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बम्बई के प्रोफेसर,  अग्निहोत्री द्वारा कार्यशाला की संक्षिप्त जानकारी दी गई । इस अवसर पर तकनीकी सत्रों में आई.आई.टी बम्बई से आये प्रोफेसर्स  अजय देश पाण्डे  श्याम असोलेकर,  विरेन्द्र सेठी एवं  सतीश अग्निहोत्री विभिन्न प्रकार के प्रदूषणों के नियंत्रण एवं निवारण के लिए तकनीकी जानकारी प्रदान की। 

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