जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का दीप प्रज्जवलन कर किया शुभारंभ

जयपुर।  मुख्यमंत्री गहलोत ने गुरूवार को 13वें जी जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल का दीप प्रज्जवलन कर शुभारंभ किया। शुभारंभ के बाद डिग्गी पैलेस के फ्रंट लॉन में मौजूद साहित्यकारों, साहित्य प्रेमियों एवं देश-विदेश से आए मेहमानों को सम्बोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि मैं उम्मीद करता हूं कि 27 जनवरी तक चलने वाले इस समारोह में साहित्य, संस्कृति और विभिन्न विषयों पर होने वाली चर्चा और गोष्ठियों से नई पीढ़ी को प्रेरणा मिल सकेगी।

_x000D_ _x000D_

_x000D_ _x000D_

गहलोत ने कहा कि जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल ने 12 साल का सफर पूरा किया है और इस दौरान इस फेस्टिवल ने देश ही नहीं दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि लेखक और साहित्यकार ही नहीं साहित्य प्रेमी और पाठक भी इस फेस्टिवल का इंतजार करते हैं और यहां आकर संवाद के माध्यम से साहित्य की बातें सुनते और साझा करते हैं।

_x000D_ _x000D_

मुख्यमंत्री ने कहा कि फेस्टिवल में नोबेल, मैन बुकर, पुलित्जर, मैग्सेसे और साहित्य अकादमी जैसे पुरस्कार प्राप्त प्रतिष्ठित लेखकों एवं साहित्यकारों के शामिल होने से इसका महत्व बढ़ गया है। जो पुस्तक प्रेमी अपने प्रिय साहित्यकारों को आज तक पढ़ते आए हैं, उन्हें वे यहां रूबरू देख और सुन सकते हैं।

_x000D_ _x000D_

_x000D_ _x000D_

गहलोत ने कहा कि सौभाग्य की बात है कि हमारे प्रदेश के प्रतिष्ठित लेखक विजयदान देथा ‘‘बिज्जी’’ की प्रसिद्ध राजस्थानी कहानियों ‘‘बातां री फुलवारी’’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘टाइमलेस टेल्स फ्रॉम मारवाड़‘ का फेस्टिवल के उद्घाटन समारोह में लोकार्पण करने का अवसर मुझे मिला। मैं इसके अनुवाद के लिए श्री विशेष कोठारी को बधाई देता हूं।

_x000D_ _x000D_

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘‘बातां री फुलवारी’’ राजस्थान के लोक जीवन, लोक संस्कृति, लोक कथाओं और यहां के जीवन मूल्यों को संजोए हुए है। इस पुस्तक में शामिल उनकी कहानियों का अंग्रेजी में अनुवाद होने से ये कहानियां अब देश-दुनिया के अन्य पाठकों तक पहुंचेंगी। उन्होंने कहा कि बिज्जी ने बोरून्दा जैसे एक छोटे से गांव में रहकर विश्व स्तर का साहित्य रचा और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की जो हमारे लिए गौरव की बात है।

_x000D_ _x000D_

इससे पहले मुख्यमंत्री एवं अन्य अतिथियों ने ‘‘बातां री फुलवारी’’ के अंग्रेजी अनुवाद ‘टाइमलेस टेल्स फ्रॉम मारवाड़‘ का विमोचन किया। फेस्टिवल डायरेक्टर श्री संजोय रॉय ने उद्घाटन सत्र में आए अतिथियों का स्वागत किया और फेस्टिवल की रूपरेखा प्रस्तुत की। फेस्टिवल की को-डायरेक्टर नमिता गोखले ने कहा कि साहित्य के इस महाकुंभ के दौरान 15 भारतीय एवं 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं के लेखक अपनी बात श्रोताओं के सामने रखेंगे। इसके अलावा इसमें मुंशी प्रेमचंद, विजयदान देथा सहित कई प्रतिष्ठित लेखकों एवं साहित्यकारों की रचनाओं पर सत्र होंगे।

_x000D_ _x000D_

लेखक विलियम डेलरिम्पल ने उद्घाटन सत्र में कहा कि जेएलएफ को इतने सालों में अभूतपूर्व ख्याति मिली है। इस फेस्टिवल में आने वाले साहित्य प्रेमियों को देखकर महसूस होता है कि भारत में साहित्य का अपना अलग महत्व है। उद्घाटन समारोह में कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. बीडी कल्ला, विधानसभा में मुख्य सचेतक महेश जोशी, भारत में अमेरिका के राजदूत कैनेथ आई जस्टर, राजस्थान फाउण्डेशन के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव अरोड़ा, प्रमुख सचिव, कला एवं संस्कृति श्रेया गुहा एवं देश-विदेश से आए प्रतिष्ठित लेखक व साहित्यकार उपस्थित थे।

_x000D_ _x000D_

 

_x000D_ _x000D_

 


सांगरी टाइम्स हिंदी न्यूज़ के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन और टेलीग्राम पर जुड़ें .
लेटेस्ट वीडियो के लिए हमारे YOUTUBEचैनल को विजिट करें